Manipur : चुराचंदपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-102(बी) पर पेंगजांग गांव में स्थित 19 गढ़वाल राइफल्स शिविर के सामने कुकी समुदाय की महिला प्रदर्शनकारियों के एक बड़े समूह ने प्रदर्शन किया. एएनआई न्यूज एजेंसी के अनुसार हाल ही में सुरक्षा बलों की ओर से संयुक्त अभियान चलाया गया था. इसमें अवैध हथियार और गोला बारूद रखने वाले तीन स्थानीय पुरुषों को हिरासत में लिया गया है. प्रदर्शनकारियों ने बिना शर्त इन पुरुषों की रिहाई की मांग की.
शांति बहाली के लिए चलाया अभियान
मणिपुर में लंबे समय से हिंसा और अशांति का माहौल है. इसको नियंत्रित करने और शांति बहाल करने के लिए सुरक्षा बलों की ओर से हाल ही में सघन तलाशी और क्षेत्र नियंत्रण अभियान (Combing and Search Operations) चलाया गया.जिसमें पहाड़ी और घाटी में अवैध हथियार,गोला-बारूद रखने वाले तीन स्थानीय व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए हिरासत में लिया गया. सुरक्षा बलों ने सशस्त्र समूहों की कैद से कुछ बंधकों को भी छुड़वाया.राज्य के संवेदनशील और सीमावर्ती क्षेत्रों में चलाए गए संयुक्त अभियानों में भारी संख्या में अवैध हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं. इसके अलावा अवैध बंकरों को नष्ट कर दिया गया है. सुरक्षा बलों नें आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले वाहनों (एनएच-37 और एनएच-2) की निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए काफिलों को सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं.

बंधकों की रिहाई के लिए सीआरपीएफ और कोबरा की तैनाती
घाटी में हिंसा को नियंत्रित करने और सुरक्षा अभियानों को नई मजबूती देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की विशेष गुरिल्ला युद्ध इकाई और कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन) की दो बटालियनों की तैनाती को मंजूरी दी है.
कुकी और मैतेई समुदाय के बीच लंबे समय से चल रहा संघर्षं
मणिपुर में कुकी और मैतेई समुदाय के बीच स्थानीय संसाधनों, भूमि के अधिकार और आरक्षण को लेकर लंबे समय से संघर्ष चल रहा है. मैतेई समुदाय घाटी में रहते हैं और राजनीतिक रूप से प्रभावी हैं, जबकि कुकी आदिवासी समुदाय पहाड़ी क्षेत्र में निवास करते हैं.
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