सुबह 7 बजे निकलो, शाम 9 बजे पहुंचो। यह कहानी हर उस शख्स की है जो गुरुग्राम से दिल्ली या दिल्ली से गुरुग्राम आता-जाता है। NH-48 और द्वारका एक्सप्रेसवे पर रोजाना का सफर अब नर्क बन चुका था। लेकिन 2026 में हलचल तेज हो गई है। GMDA और DIAL की नई पहलें एक ऐसा रोड लिंक और एक्सटेंशन लेकर आ रही हैं जो इन दोनों हाईवे पर दबाव कम कर सकता है।
द्वारका एक्सप्रेसवे 2025 में पूरी तरह चालू हो चुका है। यह NH-48 का विकल्प बना, लेकिन जहां यह महिपालपुर और शिव मूर्ति के पास NH-48 में मिलता है, वहीं नया जाम पैदा हो गया। एयरपोर्ट ट्रैफिक और लंबी दूरी के वाहन एक साथ फंस जाते हैं।

नया रोड लिंक क्या है और यह कैसे काम करेगा
GMDA ने AIIMS-गुरुग्राम कॉरिडोर को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। यह 20 किलोमीटर का एलिवेटेड या सिग्नल-फ्री कॉरिडोर AIIMS से शुरू होकर खूशबू चौक तक जाता है। अब इसे और आगे घाटा चौक तक Southern Peripheral Road (SPR) पर ले जाने की योजना है।
यह नया लिंक थ्रू ट्रैफिक को NH-48 और द्वारका एक्सप्रेसवे के मुख्य चोक पॉइंट्स से दूर ले जाएगा। महिपालपुर, सरहौल बॉर्डर और एयरपोर्ट एग्जिट जैसे इलाकों में भीड़ कम होगी।
दूसरी तरफ DIAL की स्टडी (मार्च 2026 में GMDA को सौंपी गई) द्वारका एक्सप्रेसवे को मायापुरी रिंग रोड तक निर्बाध रूप से बढ़ाने की सिफारिश करती है। इससे महिपालपुर का पूरा बॉटलनेक बायपास हो जाएगा।

ट्रैफिक पर असर: क्यों जरूरी था यह कदम
NH-48 और पुरानी दिल्ली-गुरुग्राम रोड दोनों पर Level of Service F चल रहा था — यानी जबरदस्ती रेंगने वाली स्थिति। स्टडी के मुताबिक NH-48 पर 83-87% ट्रैफिक एयरपोर्ट जाने वाला नहीं, बल्कि लंबी दूरी का है। यह मिक्सचर जाम की असली वजह बना।
नया लिंक और एक्सटेंशन आने के बाद 55% तक ट्रैफिक डायवर्ट हो सकता है। 2033 तक स्थिति Level C तक सुधरने की उम्मीद है। यानी गाड़ियां रेंगने की बजाय सामान्य रफ्तार से चल सकेंगी।
रोजाना के सफर पर क्या बदलेगा
एक आम ऑफिस गोअर की कल्पना कीजिए। गुरुग्राम के सेक्टर 56 या घाटा से दिल्ली के साउथ या सेंट्रल दिल्ली जाना। आजकल सुबह की भीड़ और शाम की थकान दोनों दोगुनी हो जाती है। नया रोड लिंक बनने के बाद यह सफर छोटा और कम तनाव वाला हो सकता है।

लॉजिस्टिक्स कंपनियां, एयरपोर्ट जाने वाले यात्री और दक्षिण हरियाणा से दिल्ली आने वाले वाहन सबसे ज्यादा फायदा उठाएंगे। साथ ही SPR के आसपास रियल एस्टेट भी तेजी पकड़ सकता है।
कहां पहुंचा है प्रोजेक्ट
GMDA का एक्सटेंशन प्रस्ताव फिलहाल फिजिबिलिटी और सर्वे स्टेज पर है। तकनीकी टीमें लैंड और अलाइनमेंट चेक कर रही हैं। DIAL की सिफारिशों पर स्टेकहोल्डर्स मीटिंग हाल ही में हुई।
हरियाणा सरकार ने कुछ एलिवेटेड कॉरिडोर (Vatika Chowk से CPR क्लोवरलीफ जैसे) को ₹750 करोड़ में मंजूरी दे दी है। ये लोकल कनेक्टिविटी मजबूत करेंगे।
कुछ काम पहले से चल रहे हैं — जैसे Greater SPR पर लैंड एक्विजिशन। लेकिन पूरा नया रोड लिंक बनने में समय लगेगा। अभी “अब मिलेगी मुक्ति” वाली राहत कुछ सालों में पूरी तरह महसूस होगी।
आगे क्या-क्या हो सकता है
- रेजांग ला चौक पर एलिवेटेड फ्लाईओवर और ग्रेड सेपरेटर
- मेट्रो स्पर और RRTS लाइनों का विस्तार ताकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी मजबूत हो
- बारापुल्ला एक्सटेंशन और रंगपुरी बायपास जैसे दूसरे लिंक
ये सब मिलकर दिल्ली-गुरुग्राम कॉरिडोर को नया रूप देंगे।
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