CUET 2026 तकनीकी गड़बड़ी ने 30 मई को कई केंद्रों पर परीक्षा की रफ्तार रोक दी। छात्र घंटों इंतजार करते रहे। सर्वर ने साथ नहीं दिया। अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने साफ ऐलान कर दिया है — प्रभावित छात्रों को दूसरा मौका मिलेगा।
3,765 छात्र ऐसे हैं जिन्होंने बायोमेट्रिक करा लिया था लेकिन तकनीकी समस्या के कारण परीक्षा पूरी नहीं कर पाए। NTA ने इन्हें 6 और 7 जून 2026 को री-एग्जाम देने की अनुमति दे दी है। नए एडमिट कार्ड भी जारी हो चुके हैं।

30 मई को केंद्रों पर क्या हुआ?
शिफ्ट-1 के दौरान TCS की तरफ से तकनीकी गड़बड़ी की सूचना आई। परीक्षा शुरू होने में देरी हुई। NTA ने तुरंत कम्पेंसेटरी टाइम दिया। ज्यादातर छात्र (करीब 95 फीसदी) ने अतिरिक्त समय लेकर पेपर पूरा कर लिया।
लेकिन कुछ छात्रों ने समस्या देखते ही केंद्र छोड़ दिया। NTA ने स्पष्ट किया कि जिन्होंने बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन पूरा कर लिया था और परीक्षा पूरी नहीं कर पाए, उन्हें नई तारीख पर मौका मिलेगा। यह एक बार का विशेष उपाय है।
री-एग्जाम कब और कैसे होगा?
री-एग्जाम की तारीखें तय हो गई हैं — 6 जून और 7 जून 2026। प्रभावित उम्मीदवार आधिकारिक CUET पोर्टल से अपना अपडेटेड एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। NTA ने X पर भी पोस्ट करके इसकी पुष्टि की है।

छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं। NTA हेल्पलाइन नंबर +91-11-40759000 और ईमेल cuet-ug@nta.ac.in पर संपर्क कर सकते हैं।
छात्रों की मेहनत और केंद्रों का तनावपूर्ण माहौल
परीक्षा केंद्रों पर माहौल कुछ ऐसा था कि शांति नहीं थी। घंटों सर्वर के इंतजार में छात्र घड़ियां देखते रहे। चेहरे पर चिंता साफ थी। कईयों ने महीनों की मेहनत और रातों की नींद गंवाई थी। अचानक तकनीकी समस्या ने सब कुछ रोक दिया।
अभिभावक बाहर बेचैनी से इंतजार कर रहे थे। कुछ केंद्रों पर छात्रों में हल्की नाराजगी भी देखी गई। एक छात्र ने बताया, “बायोमेट्रिक हो गया था। उसके बाद सब फ्रीज हो गया। निराश होकर लौटना पड़ा।” अब दूसरा मौका मिलना उनके लिए बड़ी राहत है।

NTA की कार्रवाई और माफी
NTA ने inconvenience के लिए माफी मांगी। एजेंसी ने कहा कि समस्या TCS की तरफ से थी और अब इसे ठीक कर लिया गया है। NTA ने सिस्टम फेलियर की जांच के आदेश भी दिए हैं। भविष्य में ऐसी गड़बड़ी न दोहराई जाए, इसके लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
यह घटना बार-बार होने वाली NTA परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है। लेकिन फिलहाल प्रभावित 3,765 छात्रों के लिए अच्छी खबर है।
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